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जयपुर-दिल्ली हाईवे पर रात में बढ़ जाती है रिस्क | Jaipur Delhi Highway Risky at Night

source - superise

सावधान! जारी है जयपुर-दिल्ली हाईवे पर लूटपाट

राजधानी जयपुर में अब जिस तरह आपराधिक वारदाते बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है वह तो चिन्ता का विषय था ही लेकिन अब जिस तरह जयपुर की और आ रहे नेशनल और स्टेट हाईवों पर वाहन चालको के साथ लूटमारी और खतरनाक डकैतियां पड़ रही है उसे देखकर तो लगने लगा है कि हाईवे उन अपराधियों के शिकंजे में आ चुके हैं। अभी गत दिनों ट्रेक्टर लूट और अन्य हाईवे लूट की वारदातों में मेव गिरोह पुलिस ने चिन्हित किये है और यह मेव गिरोह जिस तरह पुलिस को चैलेन्ज कर रहे है वह और भी ज्यादा खतरनाक संकेत है। अभी तक सिर्फ सड़क दुर्घटनायें समाज को देने वाले हाईवों पर लूट-डकैती की बढ़ती वारदातों को देखकर यही हैरानी होती है कि इतने बड़े पुलिस लवाजमें और जगह-जगह टोल टैक्स वसूली के बावजूद वाहन चालक आज इन हाइवों पर सुरक्षित नहीं है खास कर जयपुर-दिल्ली हाईवे जो कि चौबीसों घण्टे व्यस्त आवाजाही वाला रहता है साथ ही यहां चार-चार टोल टैक्सों के गेटो पर सैकड़ों कर्मचारियों-गार्डो की मौजूदगी के बावजूद निर्दोष वाहन चालकों से लूटपाट हो जाना बेहद गम्भीर और चिन्ता का विषय है वह भी तब जब यहां वीआईपी मूवमेंट काफी ज्यादा रहता है। कुछ समय पहले तक बहरोड़-भिवाड़ी के नजदीक घट रही घटनायें अब पूरे हाइवें तक फैल गयी है।

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रिवाल्वर व तमंचे लेकर हाईवे के यह लुटेरे पहले किसी तरह वाहनों को रोकते हैं और फिर बिना कुछ देखे सुने वाहन चालक और सवारियों से मारापीटी शुरु कर देते हैं। अपने कारतूसों से भरे हुयें तमंचे लहराते हुये बहुत आसानी से वाहन और नकदी-गहने लूट कर फरार हो जाते है। हाईवे के यह लूटेरे सवारियों को लूट की वारदात से काफी दूर ले जाकर जंगलों में छोड़ जाते है ताकि लूट की सटीक जगह को लेकर पीडि़त और पुलिस में ”गफलत” बनी रहे। असुरक्षित हो रहे हाईवों को लेकर गृह विभाग ने भी अभी तक चुप्पी साधे हुई है। आज शहरों को जोडऩे की मुख्य जिम्मेदारी निभा रहे इन हाईवों पर आपराधिक वारदाते बढऩे का खामियाजा भी कई शहरों को भुगतना पड़ेगा क्योंकि कीमती सामान और बड़े व्यापारी अगर हाईवो पर लुटते रहे तो वहां इनकी आवाजाही घटेगी और शहरो का आर्थिक विकास भी एक तरह से ठहर जायेगा। खासकर जयपुर के व्यापारी और अन्य कई लोगों को अक्सर रात-बेरात फ्लाइट पकडऩे राजधानी दिल्ली के इन्दिरा गांधी अन्तराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक आना-जाना पड़ता है। अब उन्होंने भी लूटपाटों की वारदातों को देखते हुये रात के अधेंरे में हाईवों से गुजरना बन्द कर दिया है, उन्हें भले ही अगले पूरे दिन का नुकसान क्यों नही हो मगर वह रात हवाई अड्डे पर ही गुजार लेते हैं, अब ऐसे हालत में व्यापार-उद्योगों को आर्थिक झटका तो लगेगा ही।

हैरानी होती है कि अपराधियों के बुलंद हो चुके हौसलों को तोडऩे में पुलिस पूरी तरह नाकाम रही है। जैसे-जैसे पुलिस इन पर शिकंजा कस रही है वैसे-वैसी ही यह हाईवे लुटेरे अपनी वारदाते भी बढ़ाते जा रहे है। यह

लुटेरे बार-बार पकड़े जाते है और फिर छूट भी जाते है और फिर लूटपाट में सक्रिय भी हो जाते है यहीं कारण है कि जिन्हें अब इन हाइवे लूट गैंगों की जानकारी है वह तो संभल गये है लेकिन जो अंजान है वही लूट का शिकार बन रहे है।