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भाजपा सरकार सदैव किसानों के साथ खड़ी है : प्रभुलाल सैनी

जयपुर। विपक्ष की क्या बात करे, उनका काम ही आरोप लगाना है। कांग्रेस भूल गई लगता है कि उनके शासन काल में प्रदेश विकास में पिछड़ गया था और कई साल पीछे हो गया था जिसे वसुन्धरा सरकार पटरी पर ला रही है, यह कहना है कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी का। सैनी कहते है वसुन्धरा सरकार पूर्णतया किसानों के हितार्थ कार्य कर रही है इसी का परिणाम है कि सरकार ने किसानों के लिए बिजली सस्ती की है, साथ ही वर्तमान में सरकार सहकारी समितियों के माध्यम से उन्नत खाद, बीज और दवाईयां सरकारी दर पर किसानों को दे रही है जिससे कि किसान फसलों की अ’छी पैदावार हो सके। कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी से बातचीत के अंश :

आपका विभाग कृषि को उन्नत बनाने के लिए क्या नया कर रहा है? हमारी सरकार सदैव किसानों के हितों के लिए कार्य करती आई है। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे का सपना है कि कृषि क्षेत्र में प्रदेश देश में प्रथम पायदान पर आ सके। इसी दिशा में हमने किसानों के हितार्थ और कृषि को उन्नत करने हेतु कई नए प्रयोग भी किये है। इसी क्रम में वर्तमान सरकार ने उत्कृष्ट केन्द्रों की भी स्थापना की है जहां जलवायु के अनुसार फसलों और फलों की खेती को बढ़ाया जाएगा। उदाहरण के तौर पर झालावाड में संतरा, कोटा में नींबू, टोंक में अमरूद, धौलपुर में आम, सवाई माधोपुर में फूलों की खेती, चित्तौडग़ढ़ में सीताफल, बूंदी में विभिन्न प्रकार की सब्जियों, जैसलमेर में पिंडखजूर के उत्कृष्ट केन्द्रों की स्थापना की है। साथ ही ऑलिव, ड्रैगन फू्रट, किनवा के अलावा संतरे की 15 प्रकार की किस्में प्रदेश में ही तैयार की जा रही है जिसमें ब्लड़, जाफा, क्लेंटिना, चाल्ड़ नागपुर शामिल है।

कांग्रेस कह रही है वसुन्धरा सरकार किसान विरोधी है? विपक्ष की क्या बात करे, उनका काम ही आरोप लगाना है। कांग्रेस भूल गई लगता है कि उनके शासन काल में प्रदेश विकास में पिछड़ गया था और कई साल पीछे हो गया था जिसे वसुन्धरा सरकार पटरी पर ला रही है।

लेकिन सरकार ने दिल्ली-मुंबई कोरिडोर बनाने के लिए किसानों की उपजाऊ जमीन अवाप्त कर ली है? यहां मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार यदि कोई भी जमीन या खेती की जमीन अवाप्त करती है तो वह नियमानुसार की जाती है जिसके लिए तय मानकों में मुआवजा भी दिया जाता है। जहंा तक दिल्ली-मुबंई कोरिड़ोर के लिए जमीन अधिग्रहण की बात है तो यह जमीन कोई हमारी सरकार ने कल ही थोड़ी अवाप्त की है। सरकार से पूर्व में ही अवाप्त की जा चूकी थी एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद कोई भी किसानों की उपजाऊ जमीन हमारी सरकार द्वारा अवाप्त नहीं की गई है।

किसानों के बार बार धरने पर बैठने के क्या कारण है? धरने पर बैठना के पीछे सदैव राजनीतिक कारण रहे है। वर्तमान विपक्ष मात्र किसानों को भ्रमित कर रहा है। मैं तो किसानों को निवेदन करता हूं कि यदि उन्हें कोई समस्या है तो वह मुझसे सीधे आकर मिले।

विपक्ष तो यह भी कह रहा है कि वर्तमान सरकार में किसानों को बिजली – पानी की आपूर्ति तक नहीं हो रही है? मैंने कहा ना कि विपक्ष किसानों को मात्र गुमराह करने का काम कर रहा है। हमारी सरकार है जो किसानों को सोलर एनर्जी दे रही है वही खेतों पर पानी की डि़ग्गी के लिए भी सब्सिड़ी प्रदान कर रही है। वसुन्धरा सरकार में गत साल 16हजार पंप किसानों को वितरित किये थे और आगामी 2017-18में हमारा लक्ष्य 10 हजार पंप किसानों को वितरित करने का है।

सरकार ने सोलर एनर्जी गांवों में लगाने और सब्सिडी देने की बात कही थी, पर उस ओर कोई सार्थक कदम सरकार द्वारा नहीं उठाया गया है? यह गलत है, सरकार ने सोलर एनर्जी स्थापित करने के लिए किसानों को सब्सिडी प्रदान की है। आज हर गांव में बिजली है। मैं स्वयं प्रदेश में जाकर देखता हूं और सच में आज हर गांव में सोलर एनर्जी से खेती हो रही है, पंप चल रहे है, यह हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

किसानों के खेतों में पानी की डिग्गी बनाने के लिए भी सब्सिडी देने की बात सरकार द्वारा की गई थी, उसका क्या हुआ?

बिलकुल, भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र में डिग्गी निर्माण के लिए किसानों को सब्सिडी की राशि प्रदान कर रही है जिसके तहत छोटी डिग्गी के लिए 52,200 रू. और प्लास्टिक बेस डि़ग्गी के लिए 75000 रू. और अधिकतम 2 लाख रूपये तक की राशि स्वीकृत है। हमारी सरकार ने डिग्गी निर्माण नरेगा के माध्यम से भी करवाने का फैसला किया है जिसके तहत ग्रामीण स्वयं नरेगा के माध्यम से निर्माण कर रोजगार भी प्राप्त कर सकता है।

क्या आप मानते है कि किसानों को पता तक नहीं है कि उन्हें सरकारी सुविधाओं के लिए किस से मिलना है? अब ऐसा कुछ नहीं है। ग्रामीणों को सरकार की हर स्कीमों का पता है। यही नहीं अब किसानों को आवेदन के लिए भटकने की भी जरूरत नहीं है वह बस ई-मित्र जाएं और सरकार की सारी सुविधाओं का फायदा ले सकते है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि सरकार ने ग्रीन हाउस का 9 लाख वर्गगज का लक्ष्य रखा था जबकि सरकार को किसानों से ग्रीन हाउस के लिए 49 लाख वर्गगज हेतु आवेदन प्राप्त हुए है, इससे स्पष्ट है किसानों को सरकारी स्कीमों का पूरा पता है।

मोदी सरकार ने यूपी चुनावों में किसान कर्ज माफी की बात कही है, प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है, क्या आपकी सरकार भी किसान कर्ज माफी करेगी? यह वित्त से जुड़ा मसला है जिसके लिए उच्च स्तर पर ही निर्णय लिया जा सकता है। मैं इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं समझता हूं। मंत्री या मुख्यमंत्री इस पर निर्णय करने में सक्षम नहीं है इसके लिए एक केन्द्र सरकार और राज्य सरकार को एक लम्बी स्टडी करनी पड़ेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि वह 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर देगें, क्या यह संभव है? बिलकुल संभव है, मैंने आपको बताया ना कि हमारे द्वारा उत्कृष्ट केन्द्रों की स्थापना की जा रही है जहां जलवायु के अनुसार फसलों और फलों की खेती को बढ़ाया जाएंगा, इससे किसानों की आय में सीधी वृद्धि होगी। इसी नवाचार के माध्यम से हम किसानों की आय दोगुनी कर के दिखाएंगे। हम किसानों को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे है जिसके तहत पोमलो की खेती की प्रदेश में शुरूआत करेंगे। साथ ही ड्रैगन फू्रट को किसानों के खेतों तक लेके जाएंगे, किनवा फल की खेती का विस्तार करेंगे। इसी के साथ गिलोए, सतावरी, सफेद मूसली, अश्वगंधा सहित अनेक औषधि के पौधों की विस्तृत खेती की शुरूआत करेंगे। यही नहीं प्रदेश के किसानों के माध्यम से 1500 हैक्टेयार में जैतून की खेती भी की जाएंगी।

मोदी सरकार किसानों को, विशेषकर महिला किसान को बायोटिक खेती का सपना दिखा रहे है, यह कैसे संभव है?

कृषि एक विज्ञान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्त्व में देश में एक बार फिर हरित क्रांति आएंगी, ऐसा मेरा विश्वास है। प्रधानमंत्री के इसी विजन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ‘हरित राजस्थान’ की ओर बढ़ावा दे रही है। मुझे विश्वास है कि वह किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त करके ही दम लेंगे। उन्होंने ही किसानों के लिए मूल मंत्र दिया है ‘लैब से लैंड़ तक’, जिस क्रम में राज्य सरकार भी प्रगतिशील है।

क्या महिला किसानों को वैज्ञानिकों से, टेक्नोलॉजी से जोडऩा आसान है? बिलकुल है। हाल ही सरकार द्वारा ‘ग्लोबल एग्रीटेक मीट’ में किसानों को वैज्ञानिकों से एवं नई तकनीकों से रू-ब-रू करवाया गया है। मैं यहां यह भी स्पष्ट कर दूं कि सरकार भविष्य में भी किसानों के हितों में समस्त कदम उठाती रहेगी।

गहलोत सरकार के समय जब आप विपक्ष में थे तब आपने अमेरिका की मोन्टेंसों कंपनी के बीच से खेती को रोकने के लिए खूब हंगामें किये थे परन्तु आपकी सरकार आते ही आपने उस कंपनी के बीज से खेती को पास क्यों कर दिया? सर्वप्रथम तो मैं यहां यह स्पष्ट

कर दूं गत कांग्रेस शासन में मैंने ही मोन्टेंसों बीज का विरोध किया था और अब भी मैं उस बीज के विरोध में ही हूं। राज्य सरकार कभी भी प्रदेश की जनता के जीवन से खिलवाड़ नहीं करेगी। हमारी सरकार ने कभी भी जैनेटिकली मॉडिफाइड़ मस्टर्ड बीज को पास नहीं किया है। हमें पता है कि वह बीज जमीन को नपुंसक बना देती है और यदि एक बार उस बीज का उपयोग किया तो देश या प्रदेश फिर उस कंपनी का गुलाम हो जाएंगा, जिस प्रकार हम कभी ईस्ट इण्डिया कंपनी के गुलाम थे। मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि भाजपा सरकार कभी भी ऐसा कोई निर्णय पारित नहीं करेगी, जो जन या किसान विरोधी है।

पर बी.टी. कपास बीज तो आपकी सरकार ने पास किया है? यदि उस बीज का उपयोग करना है तो ‘जी.ई.ए.सी’ ही बीज के ट्रायल की अनुमति देता है। बी.टी. कपास जनता को सीधे नुकसान नहीं देता है इसलिए जी.ई.ए.सी द्वारा 2006में इसके उपयोग के लिए अनुमति दी गई थी। वैसे भी संविधान के आर्टिकल 21 के तहत कृषि राज्य का विषय है और आप विश्वास रखिए प्रदेश सरकार कभी कोई जन विरोधी निर्णय पारित नहीं करेगी।

आपकी पार्टी के घोषणा पत्र में ‘कृषक सुरक्षा अधिनियम’ बनाने की बात भी कही गई थी, उसका क्या हुआ? वर्तमान में प्रदेश सरकार द्वारा ‘कृषक साथी योजना’ चलाई जा रही है और साथ ही सरकार द्वारा ‘किसान कल्याण कोष’ बना रखा है जो किसान हितार्थ कार्य कर रहा है।

अंतिम सवाल, आपकी पार्टी के घोषणा पत्र में पंचायतवार किसानों को उन्नत बीज, खाद, दवाईयां सरकारी दर पर उपलब्ध कराने की भी बात कही थी, उसका क्या हुआ? वर्तमान में सरकार सहकारी समितियों के माध्यम से उन्नत खाद, बीज और दवाईयां सरकारी दर पर किसानों को दे रही है। इसके लिए विभाग द्वारा सहकारिता विभाग को राशि का स्थानान्तरण कर दिया गया है।